धर्म पूछकर हत्या के विरोध में कैंडल मार्च स्थान : प्रतिमा विसर्जन घाट, जौनपुर

 भारत विकास परिषद "शौर्य" के तत्वावधान में जौनपुर में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे के खिलाफ जनभावना का प्रतीक बनकर कैंडल मार्च आयोजित किया गया। यह आयोजन उन निर्दोष लोगों की स्मृति में था जिनकी धर्म पूछकर हत्या कर दी गई — एक ऐसी घटना जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है।प्रतिमा विसर्जन घाट पर जब सैकड़ों लोग हाथों में जलती हुई मोमबत्तियाँ लेकर एकत्र हुए, तो पूरा माहौल एक मौन आक्रोश और संवेदना से भर उठा। नारे नहीं, कोई शोर नहीं — बस एक मौन संदेश कि मानवता के नाम पर जो भी हिंसा होगी, उसका समाज एकजुट होकर विरोध करेगा।भारत विकास परिषद "शौर्य" के सदस्यों ने इस अवसर पर कहा कि भारत विविधताओं का देश है और धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की नफरत और हिंसा को कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि समाज को जाति, धर्म, भाषा से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों के लिए खड़ा होना चाहिए।

मार्च में  के हर वर्ग की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज भी देश में इंसानियत जिंदा है और ऐसी घटनाओं के खिलाफ जनमत तैयार है।

भारत विकास परिषद "शौर्य" के सदस्यों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि)

कैंडल मार्च के दौरान एकत्रित नागरिकों का दृश्य — मौन में भी गूंजता विरोध)

कार्यक्रम का समापन शहीदों को श्रद्धांजलि और सामूहिक मौन प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें सभी ने एक स्वर में शांति, सौहार्द और न्याय के संकल्प को दोहराया।