जब झूम उठे खेत: सावन की घटा और गाँव की वो यादें

सावन की घटा में लहलहाते खेत और गाँव का प्राकृतिक दृश्य

BP Live Media – डिजिटल मीडि



आसमान में काले-घने बादलों का डेरा और ठंडी हवाओं का रुख... सावन की यह घटा सिर्फ बारिश की दस्तक नहीं, बल्कि मन को एक अजीब सी शांति देने का पैगाम लाती है।


जैसे ही बारिश की पहली बूंदें मिट्टी को छूती हैं, ये लहलहाते खेत खुशी से झूम उठते हैं। हवा के झोंकों के साथ धान के पौधों की यह मस्तानी चाल शहर के कंक्रीट के जंगलों में कहाँ देखने को मिलती
है?

सच्चा सुकून तो आज भी गाँव की इन्हीं पगडंडियों और मिट्टी की सोंधी खुशबू में छुपा है। जहाँ न गाड़ियों का शोर है, न भागदौड़... बस कुदरत की गोद और सावन का यह रूप।