जौनपुर में पूर्वांचल किसान संगठन की पत्रकार वार्ता के दौरान अधूरी आजमगढ़–वाराणसी सड़क पर टोल टैक्स वसूली का विरोध करते किसान।
जौनपुर। आजमगढ़–वाराणसी मार्ग पर सड़क निर्माण पूरा नहीं होने के बावजूद टोल टैक्स वसूले जाने के मुद्दे को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन ने बुधवार को जौनपुर में पत्रकार वार्ता की। संगठन ने अधूरी सड़क पर टोल वसूली को लेकर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पत्रकार वार्ता के दौरान किसानों ने अपनी मांगों से जुड़े पोस्टर, दस्तावेज और पूर्व में प्रकाशित समाचारों की प्रतियां भी प्रस्तुत कीं। उनका मुख्य सवाल है कि जब सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, तो वाहन चालकों से टोल टैक्स की वसूली क्यों की जा रही है?
सड़क पूरी हो, फिर टोल की बात हो
किसानों ने मांग की कि आजमगढ़–वाराणसी मार्ग का अधूरा निर्माण जल्द पूरा कराया जाए और तब तक टोल वसूली बंद की जाए। संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि किसानों की पहले से उठाई जा रही मांगों और दिए गए पत्रों पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में लगाए गए बैनर पर संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में किसानों को ब्याज का भुगतान, मुआवजा तत्काल देने, टोल वसूली बंद करने, अधूरी सड़क का निर्माण पूरा करने, भारी वाहनों पर नो-एंट्री लागू करने तथा वर्ष 2022 में दिए गए पत्रों पर तत्काल कार्रवाई की मांग शामिल की है।
दो साल पुरानी तस्वीर भी सामने आई
इस मुद्दे का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि सितंबर 2024 में भी किसानों ने टोल टैक्स के विरोध में आवाज उठाई थी। पत्रकार वार्ता में उस समय प्रकाशित राष्ट्रीय सहारा की खबर की प्रति भी दिखाई गई।
यानी करीब दो साल बाद मुद्दा फिर जौनपुर में किसानों की पत्रकार वार्ता के केंद्र में है। पुरानी अखबारी तस्वीर और आज की पत्रकार वार्ता की तस्वीरें साथ देखने पर सवाल यही सामने आता है—2024 में उठी आवाज के बाद क्या आज भी किसानों का सवाल वहीं खड़ा है?
तस्वीरों में दर्ज हुआ विरोध का सिलसिला
आज की पत्रकार वार्ता में किसान संगठन के पदाधिकारी मीडिया के सामने अपनी मांगें रखते नजर आए। सामने रखे दस्तावेज और अखबार की पुरानी खबर इस बात को रेखांकित करती है कि संगठन इस मुद्दे को लंबे समय से उठा रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि किसानों की इस पत्रकार वार्ता के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
