'वंदे मातरम': सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बारी नाथ में सामूहिक गायन का भव्य आयोजन

बारीनाथ मठ जौनपुर के सरस्वती शिशु शिक्षा मंदिर में आयोजित सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम की तस्वीरें

जौनपुर। आज जब पूरा देश एक साथ राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के सस्वर गायन का साक्षी बना, उसी पावन श्रृंखला में जौनपुर का ऐतिहासिक बारीनाथ मठ भी राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय रंग में रंग गया। परिसर स्थित सरस्वती शिशु शिक्षा मंदिर के प्रांगण में सैकड़ों बच्चों, आचार्यों और नागरिकों ने एक स्वर में वंदे मातरम का गायन कर इस देशव्यापी आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

देशव्यापी सुरों में घुली जौनपुर की आवाज़

पूरे भारतवर्ष में एक निश्चित समय पर आयोजित इस सामूहिक गायन अभियान के तहत जैसे ही बारीनाथ मठ में राष्ट्रगीत की पंक्तियाँ गूंजीं, पूरा वातावरण भक्ति और राष्ट्रप्रेम की ऊर्जा से भर उठा।

अनुशासित पंक्तियों में खड़े बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्... के सस्वर पाठ ने प्रांगण में मौजूद हर व्यक्ति को रोमांचित कर दिया।

आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का संगम

बारीनाथ मठ की पौराणिक धरोहर और विद्या भारती के संस्कारों का यह संगम अत्यंत अलौकिक रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बारी नाथ जौनपुर में वंदे मातरम कार्यक्रम के दौरान मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करते मुख्य अतिथि

यह गायन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत की अखंडता और सांस्कृतिक चेतना को एक सूत्र में पिरोने का संकल्प था।"

कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:

एकजुटता का संदेश: विद्यार्थियों और अध्यापकों के साथ-साथ मठ के संतों और स्थानीय प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

सरस्वती शिशु शिक्षा मंदिर बारीनाथ जौनपुर के प्रधानाचार्य, पुलिस अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों की समूह तस्वीर

जौनपुर: बारीनाथ मठ स्थित सरस्वती शिशु शिक्षा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य, पुलिस अधिकारियों एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थित समूह तस्वीर।

अनुशासन एवं संस्कार: विद्या भारती की परंपरा के अनुसार संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।

 उद्घोष: राष्ट्रगीत के उपरांत 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा।

यह आयोजन भावी पीढ़ी के मन में राष्ट्र प्रथम की भावना को और अधिक दृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम बना। बारीनाथ मठ में गूंजा यह स्वर भारत की एकता और उज्ज्वल भविष्य की अमर गूंज है।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्टजन एवं समापन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के सुअवसर पर यह आयोजन संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर कोतवाल अनीता सिंह, मुख्य वक्ता डॉ. सुभाष चंद सिंह, अध्यक्ष डॉ. क्षितिज शर्मा, प्रबंधक संजय श्रीवास्तव, उप प्रबंधक वंदना सरकार एवं शक्तमंडी चौकी प्रभारी कंचन पांडेय सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य-आचार्या एवं छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत होकर उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम का सफल समापन सरस्वती विद्या मंदिर बारिनाथ के प्रधानाचार्य दाऊजी उपाध्याय द्वारा सभी आगंतुक अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार ज्ञापन के साथ हुआ।

जय हिंद! जय भारत! वंदे मातरम!

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